सुपौल (बिहार): कहते हैं कि मां के प्रति एक बेटे का प्यार और समर्पण शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। बिहार के सुपौल जिले के प्रतापगंज के रहने वाले 23 वर्षीय कृष्णा कुमार ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है, जिसकी चर्चा अब इलाके में हो रही है। कृष्णा ने अपनी साइकिल से 4 महीने 19 दिन यानी कुल 139 दिनों में 11,200 किलोमीटर की दूरी तय कर भारत के 10 अलग-अलग राज्यों का भ्रमण किया है।

मां के चरण धोने के संकल्प के साथ घर से निकले कृष्णा
कृष्णा कुमार का जन्म सुपौल जिले के प्रतापगंज प्रखंड अंतर्गत भवानीपुर दक्षिण, वार्ड संख्या-7 में हुआ। इनके पिता का नाम श्री सीताराम मंडल है। कृष्णा की उम्र महज 23 वर्ष है। वह शादीशुदा हैं और प्रतापगंज स्थित कान हॉस्पिटल में पिछले लगभग 8 वर्षों से कंपाउंडर के रूप में काम कर रहे थे।
कृष्णा ने बताया कि वह अपनी मां के लिए एक विशेष संकल्प लेकर घर से निकले थे। उनका उद्देश्य भारत के 10 अलग-अलग राज्यों के प्रसिद्ध मंदिरों, तालाबों, झीलों, समुद्र और गंगा नदी से जल एकत्रित करना था। कृष्णा का सपना है कि इन सभी पवित्र स्थानों से लाए गए जल से अपनी मां के चरण धोएं।
सिंहेश्वर स्थान से शुरू हुई यात्रा, 10 राज्यों तक पहुंचे
कृष्णा कुमार की इस अनोखी साइकिल यात्रा की शुरुआत बिहार के मधेपुरा जिले के प्रसिद्ध सिंहेश्वर स्थान से हुई। वहां दर्शन करने के बाद वह देवघर पहुंचे। इसके बाद उनकी यात्रा केदारनाथ, प्रयागराज, माता वैष्णो देवी और जम्मू-कश्मीर सहित राजस्थान समेत देश के अलग-अलग प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंची।
इस तरह कृष्णा ने 10 अलग-अलग राज्यों का भ्रमण करते हुए कुल 11,200 किलोमीटर की दूरी तय की। इस पूरे सफर को पूरा करने में उन्हें 139 दिन लगे।
जेब में थे महज 1,100 रुपये, रास्ते में झेलनी पड़ीं कई मुश्किलें
कृष्णा की इस यात्रा की सबसे खास बात यह है कि वह घर से महज 1,100 रुपये लेकर निकले थे। इतने कम पैसों के साथ हजारों किलोमीटर की यात्रा करना अपने आप में एक बड़ी चुनौती थी। रास्ते में उन्हें कई तरह की कठिनाइयों और परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपने संकल्प को पूरा करने का प्रयास जारी रखा।
आखिरकार 4 महीने 19 दिन बाद कृष्णा अपने घर वापस लौट आए। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है।
अब साइकिल से विदेश यात्रा करने का सपना
11,200 किलोमीटर की यात्रा पूरी करने के बाद भी कृष्णा कुमार के सपने थमे नहीं हैं। अब उनका अगला लक्ष्य महापर्व छठ के बाद साइकिल से विदेश यात्रा करना है। वह अपनी इस यात्रा को और बेहतर तरीके से पूरा करना चाहते हैं तथा भारत में एक नया रिकॉर्ड बनाने का सपना देखते हैं।
हालांकि, इस बड़े लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्हें आर्थिक सहयोग की आवश्यकता है।
सांसद दिलेश्वर कामैत सहित जनप्रतिनिधियों से आर्थिक सहयोग की अपील
कृष्णा कुमार ने अपने वीडियो और इस खबर के माध्यम से सुपौल के सांसद दिलेश्वर कामैत जी सहित तमाम जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आर्थिक रूप से सक्षम लोगों से सहयोग की अपील की है।
उनका कहना है कि यदि उन्हें आर्थिक मदद मिलती है तो वह अपनी अगली यात्रा को और बेहतर तरीके से पूरा कर सकते हैं तथा अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने कृष्णा कुमार
आज के दौर में जहां युवा अपने-अपने सपनों को पूरा करने में जुटे हैं, वहीं कृष्णा कुमार की यह यात्रा माता के प्रति प्रेम, पारिवारिक समर्पण, साहस और दृढ़ संकल्प की एक अनोखी कहानी है।
एक बेटे ने अपनी मां के सम्मान में 11,200 किलोमीटर का सफर तय किया। कृष्णा की यह कहानी निश्चित रूप से लोगों को अपने माता-पिता के प्रति जिम्मेदारियों और सम्मान का संदेश देती है।
जनता बिहार न्यूज़ कृष्णा कुमार के जज्बे और उनके संकल्प को सलाम करता है। हम उम्मीद करते हैं कि उनका विदेश यात्रा का सपना भी पूरा हो और उन्हें समाज एवं जनप्रतिनिधियों का उचित सहयोग मिले।
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